Monday, 5 December 2011

आंसू



*सुख और दुःख में बहते आंसू
सदा संग ही रहते आंसू
ख़ुशी का पल या गम की आंधी
हर अहसास में बहते आंसू,
*तन्हाई में रहते आंसू
कभी-कभी तो छलते आंसू
दिल की दीवारे भेद कर
छलक के फिर बहते आंसू,
*बिछड़ के आ जाते आंसू
मिलन में न रुक पाते आंसू
बहते आंसू जब क़ोई पौंछे
राज़ बयां कर जाते आंसू,
*ख़ुशी के हो या गम के आंसू
एक से होते है ये आंसू
बड़ी अनोखी इनकी भाषा
कहे बिना सब कहते आंसू...

2 comments:

  1. बेहद खुबसुरत रचना दिल को छूती हुई, बधाई

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  2. thanx...suresh choudhary ji..

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