Monday, 31 May 2010

मुस्कान

"मुस्कान"
हर चेहरे की सुन्दरता है मुस्कान,
हर लम्हों की मधुरता है मुस्कान,
जीवन का पल -पल हो मुस्कानों की सौगात
तो ख़ुशी से कट जाएगी ये अपनी उम्र तमाम,
हर इंसां की चाहत है मुस्कान,
दिल के गहरे ज़ख्मो से राहत है मुस्कान,
हंसी दवा सब रंजो ग़मों की
हंसी दुवा है टूटे दिलो की
फूलो से है भवरे की पहचान
माँ के आँचल में बच्चो की मुस्कान,
जीवन की राहो में मुस्कानों की धारा हो,
खिले हुवे फूलों की तरह हँसता चेहरा प्यारा हो,
मुस्कान मिटा देती है हर दुःख हर चिंता की रेखा,
इस दुनिया में है वो अकेला जिसने हँसना ना सीखा,
सुख हो या दुःख, ख़ुशी हो या गम कभी नहीं घबराना है,
सुनसान डगर के अंधेरो में भी मुस्कान की ज्योत जलाना है.

Saturday, 29 May 2010

उम्मीद


उम्मीद ही दुःख का कारण है,
उम्मीद पे दुनियां कायम है,
उम्मीदों से रिश्ते बनते,
उम्मीदों से घायल है,
उम्मीद के दामन में सुख -दुःख है,
आशा और निराशा भी ,
उम्मीद के दम पर दुनियां समझे
उम्मीदों की भाषा भी,
उम्मीद रोशनी उम्मीद अँधेरा,
उम्मीद है सपना जीवन का,
उम्मीद बिखेरे उम्मीद समेटे
रिश्ता तन मन और धन का,
उम्मीद से राहत उम्मीद से चाहत,
उम्मीद से है पतझड़ और बसंत भी,
उम्मीद से मंज़र उम्मीद से मंजिल
उम्मीद से आदि और अंत भी,
मायूसी के आलम में इंसां
उम्मीदों का कातिल भी बन जाता है,
जिए गर उम्मीद के बल पर तो
कष्टों में ये साहिल भी बन जाता है,
उम्मीद सा नहीं मित्र है कोई
उम्मीद है दर भगवान का,
टूट जाये गर उम्मीद की डोरी तो
जीवन बन जाता वीरान सा,
उम्मीद की ताकत ऊँचे पर्वत को भी हिला देती,
उम्मीद की निगाहें अम्बर को भी मिला देती,
उम्मीद अगर दिल में है तो कुछ भी नहीं नामुमकिन है,
उम्मीद की कश्ती गहरा सागर भी पार करा देती

Wednesday, 12 May 2010

मेरे खोये हुवे बचपन तेरी तलाश है मुझको,
जीवन के उन सुन्दर क्षणों की प्यास है मुझको,
वह मन की निश्चलता वह तन की सुन्दरता,
उसे फिर से पा जाऊ ये अरमान है मुझको,
मेरे खोये हुए..........
वो रोना वो हँसना वो गिरना और मचलना,
बचपन की सुहानी घड़ियाँ फिर पाने की आस है मुझको
मेरे खोये हुए..........................
वो अल्हड़पन,वो नटखटपन,वो जीवन के मीठे पल,
उन पलो को फिर जीने की चाह है मुझको,
मेरे खोये हुए.........................
थे हम प्यारे सबके दुलारे मीठी बातों से सबको रिझाते,
फिर से उसी मधुरता का एहसास हो मुझको
मेरे खोये हुए....................................
वो बचपन की गलियां वो ममता की छैय्या,
हर पल चुराती हें जीवन का,आती हुई ये घड़ियाँ
फिर से बचपन आ जाये यही अरमान है मुझको
मेरे खोये हुए...........................
सारी दौलत कोई लेले बचपन की घड़ियाँ देदे,
बस कुछ पल उनमे खो जाऊ,ये आखरी चाह है मुझको
मेरे खोये हुए..................

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